
दि. 4 नई दिल्ली: (उपसंपादक:सतीश वागरे) ————-— केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में आवाज उठाने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने कमर कस ली है। कांग्रेस अध्यक्ष ने ‘मनरेगा बचाव संग्राम’ अभियान के क्रियान्वयन और निगरानी के लिए एक उच्च-स्तरीय समन्वय समिति की घोषणा की है। इस समिति में प्रख्यात दलित नेता और पूर्व सांसद डॉ. उदित राज को शामिल किया गया है, और राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि, इस अभियान को उनके अनुभव का फायदा मिलेगा।ग्रामीण रोजगार की रीढ़ मानी जाने वाली ‘मनरेगा’ योजना के संरक्षण के लिए कांग्रेस ने यह ‘संग्राम’ छेड़ा है। इस अभियान का मार्गदर्शन और संचालन करने के लिए 9 सदस्यीय एक मुख्य समिति गठित की गई है। कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने रविवार को इस चयन का आधिकारिक पत्र जारी किया।डॉ. उदित राज न केवल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं, बल्कि अनुसूचित जाति-जनजाति के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले एक आक्रामक नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। मनरेगा योजना का बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्र के दलित और वंचित तबकों को मिलता है। इसलिए डॉ. उदित राज के चयन से इस अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।

अजय माकन (संयोजक),जयराम रमेश, संदीप दीक्षित, डॉ. उदित राज, प्रियंक खर्गे, डी. अनसूया बाई सीताक्का, दीपिका पांडे सिंग, डॉ. सुनील पनवार, मनीष शर्मा इन नौ मुख्य सदस्यों के अलावा, कांग्रेस की सभी अनुषंगिक संगठनों (फ्रंटल ऑर्गेनाइजेशंस) के प्रमुख और ओबीसी, एससी, अल्पसंख्यक, आदिवासी तथा किसान कांग्रेस विभागों के अध्यक्ष भी इस समन्वय समिति के सदस्य के रूप में काम देखेंगे।इस नियुक्ति से साफ जाहिर है, कि आने वाले समय में केंद्र सरकार की ग्रामीण रोजगार नीतियों के विरोध में कांग्रेस और आक्रामक रुख अपनाएगी। डॉ. उदित राज के शामिल होने से उत्तर भारत के दलित मतदाताओं और ग्रामीण मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।