
नई दिल्ली दि. 8 मार्च (उपसंपादक : सतीश वागरे ) कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. उदित राज ने बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि, यदि उन्हें हर मुद्दे पर बीजेपी के साथ ही खड़ा होना है, तो उन्हें खुलकर बीजेपी में शामिल हो जाना चाहिए और यह राजनीतिक लुका-छिपी बंद करनी चाहिए। डॉ. उदित राज ने सवाल उठाया कि, जब देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया, तब मायावती को प्रोटोकॉल और संवैधानिक मर्यादा का ख्याल क्यों नहीं आया? उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में भी राष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं किया गया, जो देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का स्पष्ट अपमान था। उस समय मायावती की चुप्पी आखिर किसके हित में थी? उन्होंने आगे कहा कि संसद भवन के उद्घाटन में फिल्मी हस्तियों और कुछ चुनिंदा पत्रकारों को बुलाया गया, लेकिन देश की राष्ट्रपति को ही दरकिनार कर दिया गया। यह लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ था।
https://x.com/i/status/2030536343219282047
सवाल यह भी है कि, उस समय न तो राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से अपने सम्मान की बात उठाई और न ही दलित-बहुजन राजनीति करने वाले नेताओं ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया। डॉ. उदित राज ने आरोप लगाया कि, मौजूदा केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आदिवासी समाज के अधिकारों और आरक्षण पर भी चोट पहुंची है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों में आदिवासियों पर अत्याचार की घटनाएँ सामने आईं, लेकिन इन मुद्दों पर भी राष्ट्रपति की ओर से कोई ठोस आवाज नहीं सुनाई दी। उन्होंने मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि, बहुजन राजनीति का नाम लेकर यदि कोई नेता सत्ता के साथ समझौता करता है, तो यह समाज के साथ अन्याय है। अगर मायावती को वास्तव में बीजेपी की नीतियों से कोई समस्या नहीं है, तो उन्हें स्पष्ट रूप से बीजेपी में शामिल हो जाना चाहिए और जनता को भ्रम में नहीं रखना चाहिए। अंत में डॉ. उदित राज ने कहा कि देश में एससी, एसटी और ओबीसी समाज के अधिकारों और सम्मान की रक्षा तभी संभव है, जब लोकतांत्रिक और सामाजिक न्याय की विचारधारा मजबूत होगी। उन्होंने जनता से अपील की कि सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूत करने के लिए कांग्रेस को सत्ता में लाने का समय आ गया है।