मनरेगा को ‘भीख’ में बदला, नेशनल हेराल्ड केस में मिली हार भाजपा के मुँह पर तमाचा: मनरेगा का ‘सफाया’: ग्राम स्वराज पर कुठाराघातडॉ. उदित राज ने कहा कि मोदी सरकार ने “सुधार” के झूठे मुखौटे के पीछे लोकसभा में बिल पारित कर मनरेगा का गला घोंट दिया है।

वाराणसी | २१ दिसंबर, २०२५ (उपसंपादक; सतीश वागरे) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदित राज ने आज वाराणसी में मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) के मूल स्वरूप को खत्म करने और विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया।मनरेगा का ‘सफाया’: ग्राम स्वराज पर कुठाराघात डॉ. उदित राज ने कहा कि मोदी सरकार ने “सुधार” के झूठे मुखौटे के पीछे लोकसभा में बिल पारित कर मनरेगा का गला घोंट दिया है।

यह 12 करोड़ मजदूरों के संवैधानिक अधिकार की चोरी है। उन्होंने मनरेगा के नए स्वरूप से होने वाले नुकसानों को रेखांकित किया, अधिकार से ‘सहायता’ तक: अब रोजगार पाना मजदूर का कानूनी अधिकार नहीं, बल्कि केंद्र की मनमर्जी की “सहायता” बनकर रह जाएगा। राज्यों पर आर्थिक बोझ, केंद्र ने नियंत्रण अपने पास रखा है, लेकिन 5०,००० करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार राज्यों के कंधों पर डाल दिया है। ग्राम सभाओं के अधिकार छीनकर उसे “डिजिटल सर्विलांस” के हवाले कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण स्वायत्तता खत्म हो जाएगी।

डॉ. उदित राज ने आरोप लगाया कि, अब रोजगार की गारंटी को सीमित बजट की ‘भीख’ बना दिया गया है। ”यह गांधीजी के ग्राम स्वराज के सपने पर हमला है। मोदी सरकार गरीबों से बदला ले रही है। कांग्रेस सड़क से संसद तक इस अन्याय के खिलाफ लड़ेगी। “नेशनल हेराल्ड मामले में माननीय न्यायालय द्वारा सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ केस खारिज किए जाने पर डॉ. उदित राज ने इसे ‘न्याय की जीत’ बताया। उन्होंने कहा कि न्यायालय का फैसला भाजपा की बदले की राजनीति पर करारा तमाचा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि, यह मामला पूरी तरह राजनीतिक प्रेरणा से प्रेरित और आधारहीन था। डॉ.उदित राज ने कहा कि ईडी और सीबीआई को भाजपा का “भोंपू” बना दिया गया है। 7 साल तक एजेंसियों ने माना कि कोई अपराध नहीं हुआ, फिर 2021 में राजनीतिक दबाव में एफआईआर दर्ज की गई। निजी शिकायतों को हथियार बनाकर विपक्ष को डराने की कोशिश नाकाम हो गई है। तानाशाही की राह पर सरकार डॉ. उदित राज ने चेतावनी देते हुए कहा कि, एक तरफ गरीबों की आजीविका छीनी जा रही है और दूसरी तरफ लोकतांत्रिक संस्थाओं का गला घोटा जा रहा है। कांग्रेस पार्टी संकल्प लेती है कि, वह सभी संवैधानिक संस्थाओं को भाजपा के चंगुल से मुक्त कराएगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए डटकर खड़ी रहेगी।