
“खुलेआम बिक रही महुआ शराब से बर्बाद हो रहे परिवार, 15 दिन में नहीं रुकी तो चढ़ेंगी सड़कों पर
दि.9राजपुर (बडवाणी,मध्यप्रदेश संपादक ) “बिलवानी गाँव के पुरुष और युवक खुले आम बिक रही शराब के नशे में डूबे हैं। हर रोज झगड़े, चोरी, छेड़छाड़ और घरेलू हिंसा से महिलाएं त्रस्त हैं। कई परिवार चौपट हो चुके हैं।” यह कहते हुए ग्राम बिलवानी की सैकड़ों महिलाओं ने गुरुवार को एसडीएम कार्यालय में जमकर हंगामा किया। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा, “15 दिन के भीतर पूर्ण शराब बंदी नहीं हुई तो हम उग्र आंदोलन करेंगे।” गाँव की शांताबाई और कमलाबाई ने बताया कि पिछले कई वर्षों से महुआ की कच्ची शराब के साथ ही ठेकेदार गाँव के ही कुछ दुकानदारों के माध्यम से देसी-विदेशी शराब बेच रहे हैं। पुलिस और आबकारी विभाग की लापरवाही के कारण यह धंधा फल-फूल रहा है।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की “अनदेखी, असहयोग और उदासीनता” ने गाँव में शराब माफिया को मजबूत कर दिया है। मौके पर मौजूद जयस कार्यकर्ता अरुण बड़ोले, मध्यप्रदेश के छात्रनेता सचिन पटेल और बसपा नेता पंकज गोरे ने कहा, “महिलाएं पहले भी आवेदन दे चुकी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब न तो चुप बैठेंगी और न ही अपने परिवारों को बर्बाद होते देखेंगी।

“प्रदर्शन के दौरान जशोदा, राधा बाई, कुसुम, सजन, किरण, कविता, चम्पा बाई, विकास, निलेश, विनोद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं। सभी ने एक स्वर में कहा “पहले शराब बंद करो, फिर वातावरण सही करो।”प्रशासन पर अब यह देखना होगा कि वह महिलाओं के इस ‘शराब के खिलाफ युद्ध’ को नजरअंदाज करता है या फिर 15 दिनों में जिले की सत्ता हिलाने वाला आंदोलन शुरू होता है।