इस कार्यक्रम के मुख्य आयोजक मंडल सचिन पटेल, करण चौहान लिखोरमेशचंद्र मुकेश, मनीष निरगुड़े, अनिल बडोले, दिनेश चौहान, दुर्गेश वर्मा, राजवीर गायकवाड़, अखिलेश पटेल, अर्जुन ठाकुर एवं समस्त कार्यकर्ता हैं ।

राजपुर, बड़वानी 12 अप्रैल (मध्य प्रदेश प्रतिनिधी) | भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती इस वर्ष राजपुर में केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और वैचारिक चेतना के महापर्व के रूप में मनाई जाएगी। 14 अप्रैल, मंगलवार को बाबा साहब अंबेडकर सेवा समिति और समस्त अंबेडकर अनुयायी समाज द्वारा एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जो नगर की सड़कों पर ‘समता और न्याय’ का जयघोष करेगी। प्रातः 9 बजे कोर्ट परिसर स्थित डॉ. बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ इस वैचारिक यात्रा का शुभारंभ होगा। यह यात्रा दशहरा मैदान, श्री राम चौराहा, बस स्टैंड और सराफ मार्केट जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरते हुए पुनः कोर्ट परिसर पहुंचेगी।

शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण डॉ. बाबा साहब की फूलों से सजी झांकी और ‘संविधान की प्रस्तावना’ के बैनर होंगे, जो नागरिकों को उनके मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाएंगे। आयोजन समिति के अध्यक्ष सचिन पटेल, करण चौहान और कोषाध्यक्ष रमेशचंद्र मुकेश ने इस आयोजन के सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस रैली का मूल उद्देश्य डॉ. बाबा साहब के अमर संदेश, “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। यह आयोजनकेवल एक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में पिरोने का एक ईमानदार प्रयास है।

इस गरिमामयी आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ नगर के सैकड़ों युवा, महिलाएं और प्रबुद्धजन शामिल होंगे। वरिष्ठ उपाध्यक्ष कड़वा वासिंदे, मनीष नागराज, पंकज गोरे, विशाल घारू और अन्य आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह शोभायात्रा सामाजिक समता का प्रतीक बनेगी, जहाँ हर वर्ग के लोग डॉ. बाबा साहब को अपना अभिवादन करेंगे।समिति ने अपील की है कि सभी नागरिक शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से इस उत्सव का हिस्सा बनें। कार्यक्रम का समापन एक ‘विचार गोष्ठी’ के साथ होगा, जहाँ बाबा साहब के पदचिह्नों पर चलकर एक न्यायपूर्ण समाज के निर्माण पर मंथन किया जाएगा।
