
(सचिन कमल पटेल : मध्यप्रदेश संपादक) – – – – – – – – बड़वानी, 22 मई 2026। मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग के बेरोजगार युवक एवं युवतियों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना तथा टट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।सहायक आयुक्त, मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के कम से कम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण युवाओं को उद्योग स्थापना हेतु 1 लाख रुपये से 50 लाख रुपये तक तथा सेवा इकाई एवं खुदरा व्यवसाय के लिए 1 लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाएगा। योजना के तहत वितरित ऋण पर 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज अनुदान अधिकतम 7 वर्षों तक देय होगा।इसी प्रकार टट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत स्वयं का उद्योग अथवा व्यवसाय स्थापित करने के लिए 10 हजार रुपये से 1 लाख रुपये तक का ऋण बैंक के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। इस योजना में शासन द्वारा 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के मध्य होना आवश्यक है तथा वह आयकरदाता नहीं होना चाहिए।आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, समग्र आईडी, पासपोर्ट आकार का फोटो, 8वीं कक्षा की अंकसूची, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना होंगे।जिले के अनुसूचित जनजाति वर्ग के शिक्षित एवं अशिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी समस्त पोर्टल (samast.mponline.gov.in) पर आवेदन कर सकते हैं। योजना संबंधी विस्तृत जानकारी मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम तथा जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बड़वानी से प्राप्त की जा सकती है।