जंगलों से उठी आज़ादी की गर्जना: बलिदान दिवस पर शहीद भीमानायक को नमन
Views: 272 अग्रलेख- प्रितम राज बड़ौले, कार्य परिषद सदस्य, डॉ.बी. आर.आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय,महू, मध्यप्रदेश दि. 29 दिसंबर | भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास केवल बड़े शहरों, दरबारों और चर्चित नायकों तक सीमित नहीं है। यह इतिहास उन जंगलों, पहाड़ियों और नदियों के किनारों पर भी लिखा गया है, जहाँ जनजातीय समाज ने अपने स्वाभिमान…